कविता श्रेणी की प्रविष्ठियां :

सुगम पथ पर

मैंने इस कविता को आज “अनुप्रास अलंकार” से संयोजित व संवारा है। जिसमे ऊष्म (संघर्षी) “स” व्यंजन वर्णों की बार बार आवृत्ति हुई है । जिसका …

तुम ना मुझें समझ सके

“तुम ना मुझें समझ सके” तुम ना मुझें समझ सके, तुम्हारे खुशी को मैंने अपना बनाया। इस जहाँ में मैंने सिर्फ तुम्हें ही चाहा, पर तुम …

आ जा चित्तवन के चकोर

    स्वर्णिम यौवन का सागर-अपार टकरा रहा तन से बारंबार विपुल स्नेह से सींचित् ज्वार रसमय अह्लादित करता पुकार अन्तःस्थल में उठता हिलोर आ जा …

रामधारी सिंह “दिनकर” का प्रेरणात्मक हिंदी खंड-काव्य – परशुराम की प्रतीक्षा | Inspirational Hindi Poem By Ramdhari Singh “Dinkar” – Parshuram Ki Prateeksha

रामधारी सिंह “दिनकर” का प्रेरणात्मक हिंदी खंड-काव्य – परशुराम की प्रतीक्षा | Inspirational Hindi Poem By Ramdhari Singh “Dinkar” – Parshuram Ki Prateeksha परशुराम की प्रतीक्षा …

हिमाद्रि तुंग श्रृंग से – जयशंकर प्रसाद हिंदी कविता | The sacred motherland – JaiShankar Prasad Hindi Poem

हिमाद्रि तुंग श्रृंग से – जयशंकर प्रसाद हिंदी कविता | The sacred motherland – JaiShankar Prasad Hindi Poem संछिप्त परिचय – जयशंकर प्रसाद ३० जनवरी १८९0 …

शक्ति और क्षमा – रामधारी सिंह “दिनकर” हिंदी कविता | Strength and Mercy – Ramdhari Singh “Dinkar” Hindi Poem

शक्ति और क्षमा – रामधारी सिंह “दिनकर” हिंदी कविता | Strength and Mercy – Ramdhari Singh “Dinkar” Hindi Poem संछिप्त परिचय – रामधारी सिंह ‘दिनकर’ रामधारी …

झांसी की रानी – सुभद्राकुमारी चौहान की हिंदी कविता, हिंदी, हिंगलिश और अंग्रेजी में अनुदित | Queen of Jhansi – Hindi Poetry of Subhadra Kumari Chauhan In Hindi, Hinglish & English Translated

झांसी की रानी – सुभद्राकुमारी चौहान की हिंदी कविता | Queen of Jhansi – Hindi Poetry of Subhadra Kumari Chauhan झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई – संछिप्त …