Peom Shayari In Hindi श्रेणी की प्रविष्ठियां :

Poem & Shayari In Hindi By You.

इंसान का धर्म

जात-पात और ज्ञान-मान का मत करना अभिमान। मानव जात है इंसान धर्म की चाहे पढ़ ले गीता या क़ुरआन।। सोच-सोच के समझ ले यारा अपनी राह …

धरणी नववर्ष

क्रुर संस्कृति, निकृष्ट परंपरा का यह अपकर्ष हमें अंगीकार नहीं, धुंध भरे इस राहों में यह नववर्ष कभी स्वीकार नहीं । अभी ठंड है सर्वत्र कुहासा …

नव वर्ष

इस नव वर्ष के स्वागत को, धरती के प्राणी उत्सुक है। आ जाओ अब तुम आ जाओ, हम कब से पंथ निहार रहे।   शिशिर ऋतु …

EDUCATION

शिक्षा शिक्षा हल्की है, जब यह केंद्रित होता है तो यह बहुत चमकता है .. कुछ समय के लिए इसे समझने के लिए बेहतर है, यह …

कविता :- राजनीति

कविता :- (राजनीति) राजनीति का असर तो देखो, जनता का बँटवारा हो गया, भाजपा हिन्दू हो गई, मुसलमां कांग्रेस हो गया, बदली सोच, बदले विचार, बदल …

“माँ की ममता”

माँ की ममता देखु में खुदा को क्या,माँ में खुदा समाया। माँ की मूरत में दिखता,कुल संसार समाया। छाया माँ के आँचल की ,मिलती किश्मत वालो …

jivan

जीवन जीने की उसमे हर पल एक आशा थी, हर दर्द को चीरके हौंसला बुलंद रखती थी वोह, पर इतने तूफान झेलने के बाद क्या करे …

कविताएं

तकल्लुफ हो जो इंसाँ को तो इंसाँ ही समझता है । इबादत सच्ची हो तो,खुद खुदा उसको समझता है। कोई क्या खाक समझेगा हमारे दर्द का …