तू खुद की खोज में निकल – पिंक की कविता | Tu Khud ki Khoj mein Nikal – PINK Poem

Quote 3 – Tu Khud ki Khoj mein Nikal | PINK Poem

तू खुद की खोज में निकल - पिंक की कविता | Tu Khud ki Khoj mein Nikal - PINK Poem images

हिंदी में :

चरित्र जब पवित्र है ..
तू क्यूँ है ये दशा तेरी …
ये पापियों को हक नहीं ..
के लें परीक्षा तेरी …

In Einglish :

When your character is pure,
why are you in such a state?
sinners don’t have a right
to examine or check you.

In Hinglish or
Phonetic :

Charitra jab pavitra hai ..
to kyun hai ye dasha teri …
ye paapiyon ko haq nahi ..
ke lein pareeksha teri …

निवेदन :

अगर आपको हमारे Tu Khud ki Khoj mein Nikal | PINK Poem अच्छे लगे या आपको कोईतू खुद की खोज में निकल | पिंक कविता के Hindi Translation में कोई त्रुटि मिली तो कृपया हमे जरुर अपने comments के माध्यम से बताएं और हमे Facebook और Whatsapp Status पे Share और Like भी जरुर करे जिससे अधिक से अधिक लोगों तक हिंदी के Tu Khud ki Khoj mein Nikal | PINK Poem पहुच सके.अगर आप किसी विशेष विषय पर लेख चाहते है तो कृपया हमे ईमेल या सुझाव फॉर्म के द्वारा बताये.आप फ्री E-MAIL Subscription द्वारा हर नयी पोस्ट को अपने E-MAIL में प्राप्त कर सकते है.

इन्हें भी देखे :   जो पुल बनाएंगे - सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन "अज्ञेय" (हिंदी कविता) | Those who build bridges - Sachchidananda Hirananda Vatsyayan "Agyeya" (Hindi Poem)

सभी नयी प्रविष्टिया इमेल में प्राप्त करे ! सब्सक्राइब करे.

2 टिप्पणियाँ

Leave a Reply