शक्ति और क्षमा – रामधारी सिंह “दिनकर” हिंदी कविता | Strength and Mercy – Ramdhari Singh “Dinkar” Hindi Poem

BolteChitra 2 – शक्ति और क्षमा – रामधारी सिंह “दिनकर” | Strength and Mercy – Ramdhari Singh “Dinkar”

शक्ति और क्षमा - रामधारी सिंह "दिनकर" हिंदी कविता | Strength and Mercy - Ramdhari Singh "Dinkar" Hindi Poem images

हिंदी में :

क्षमाशील हो रिपु-समक्ष
तुम हुये विनत जितना ही
दुष्ट कौरवों ने तुमको
कायर समझा उतना ही.रामधारी सिंह दिनकर

In English :

The more forgiving you were
In your humane compassion
The more these rouge Kauravas
Pegged you as cowardly ashenRamdhari Singh Dinkar

In Hinglish or
Phonetic :

Kshamasheel ho rrpu-saksham
Tum huye vineet jitna hi
Dusht Kauravon ne tumko
Kaayar samjha utna hiRamdhari Singh Dinkar

निवेदन :

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