झांसी की रानी – सुभद्राकुमारी चौहान की हिंदी कविता, हिंदी, हिंगलिश और अंग्रेजी में अनुदित | Queen of Jhansi – Hindi Poetry of Subhadra Kumari Chauhan In Hindi, Hinglish & English Translated

झांसी की रानी – सुभद्राकुमारी चौहान की हिंदी कविता | Queen of Jhansi – Hindi Poetry of Subhadra Kumari Chauhan

झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई – संछिप्त परिचय

19 नवम्बर 1835 – 18 जून 1858, मराठा शासित झाँसी राज्य की रानी और 1857 के प्रथम भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम की वीरांगना. मात्र 23 वर्ष की आयु में ब्रिटिश साम्राज्य की सेना से संग्राम किया और रणक्षेत्र में वीरगति प्राप्त की किन्तु जीते जी अंग्रेजों को अपनी झाँसी पर कब्जा नहीं करने दिया.

स्वतंत्रता संग्राम की प्रथम वनिता महारानी लक्ष्मीबाई ने भारत को ही नहीं, विश्व की महिलाओं को भी गौरवान्वित किया. गुणों की देवी, अमर देशभक्ति और बलिदान की एक अनुपम उदहारण महारानी लक्ष्मी बाई को उनकी जयंती पे बोलतेचित्र का शतशत नमन.

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झांसी की रानी - सुभद्राकुमारी चौहान की हिंदी कविता, हिंदी, हिंगलिश और अंग्रेजी में अनुदित | Queen of Jhansi - Hindi Poetry of Subhadra Kumari Chauhan In Hindi, Hinglish & English Translated images

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हिंदी में :

सिंहासन हिल उठे राजवंशों ने भृकुटी तानी थी,
बूढ़े भारत में भी आई फिर से नयी जवानी थी,
गुमी हुई आज़ादी की कीमत सबने पहचानी थी,
दूर फिरंगी को करने की सबने मन में ठानी थी।सुभद्राकुमारी चौहान

In Hinglish or
Phonetic :

Sinhasan hil uthey raajvanshon ney bhrukuti tani thi,
budhey Bharat mein aayee phir se nayi jawani thi,
gumee huee azadi ki keemat sabney pehchani thi,
door phirangi ko karney ki sab ney man mein thani thi.Subhadra Kumari Chauhan

In English :

The throne got shook, and the tension erupted among the Raajvanshs, the royal heirs of the throne,
In aged India, a new wave of youth was spreading,
All the inhabitants of India had realized the worth of their lost freedom,
All of them had decided to get rid of the British rule.Subhadra Kumari Chauhan

निवेदन :

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